आज़ादी के करीब 72 साल बाद पिथौरागढ़ में एक ऐसा गांव है जहां के लोग आदिम युग में जीने को मजबूर हैं. धारचूला तहसील के इस गांव मेतली तक पहुंचने के लिए 15 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार करनी होती है. बीमार और गर्भवती महिलाओं को ग्रामीण 15 किलोमीटर डोली में लाते हैं, फिर 100 किलोमीटर का पहाड़ी सफर गाड़ी से तय कर मुख्यालय पहुंचते हैं. पेयजल, संचार, स्कूल समेत तमाम मूलभूत सुविधआओं की भी यही स्थिति है. लोकसभा चुनावों में सड़क, जरूरी मांगों को लेकर चुनाव बहिष्कार भी किया था. लेकिन चुनाव के बाद कोई अधिकारी, नेता उनके गांव नहीं पहुंचा.