रक्षाबन्धन पर गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में श्रावणी उपाकर्म की परंपरा है। इस बार सुबह 6 से 7 बजे तक इसका मुहूर्त था। इस विशेष मुहूर्त में अखिल भारतीय विद्वत महासभा, भारतीय विद्वत समिति, गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ और गीता प्रेस के सदस्यों ने पवित्र भीम सरोवर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्नान किया। इसके बाद ऋषि पूजन और जनेऊ बदलने की परंपरा निभाई गई।